1. some home remedies -

1. रूसी(Dandruff)-
सिर मे रूसी हो जाती है तो प्रायः अनेक उपचारों से ठीक नहीं हो पाती|बालों पर श्वेत अथवा मटमैल रंग के अत्यंत तनु( ब्लेड की धार जैसे) सूक्ष्म पत्रक चिपके रहते है| अथवा कंघी से झड़ते रहते है|ऐसे रोगियों पर निम्न चिकित्सा विधि अपनाई है-
- प्रथम किसी भी प्रकार के साबुन का प्रयोग सिर,चहरे तथा गर्दन पर बंद कर दे|
- 10-15 दिन सिर को रीठे या सत सीकाकाई से धोना चाहिए|
- इसके बाद दही के मथित से सिर के बालों मे भली -भांति धोया जाय| यह क्रिया 100 दिनतक अवश्य करे| न हो सके तो 90 दिन अवश्य करे|
- मस्तक,चेहरे और गर्दन को नहाने से पहले ग्लिसरीन तथा गुलाबजल बराबर मात्रा मे लेकर अच्छे से लगाकर 5 min बाद धोना चाहिए|उसके बाद दही के मथित से सिर को धोए| इस विधि के प्रयोग करने से परिणाम अच्छा आया है|
2. कुकुरखाँसी(Dog cough)-
कुकुर खाँसी मे केले के पत्तों की राख बनाकर शरद-ऋतु मे शहद के साथ तथा ग्रीष्म-ऋतु मे नमक मिलाकर चटाये| शीघ्र लाभ होगा|
3. पथरी-
पथरी मे पपीते की जड़ 6 माशा(60 gm), 50 gm जल के साथ पीसकर, छानकर सुबह 21 दिन पीने से पथरी गलकर निकाल जाती है|
4. सुखारोग-बाल(शिशु) सुखारोग होने पर-
- काली गाय का मूत्र लेकर फ़िल्टर करे और एक बोतल मे डाल दे| 1 तोला असली कश्मीरी केसर लेकर उसमे मिला दे , सुबह-शाम 1 तोला बच्चों को प्रयोग कराए|
- वंशलोचन, अतीत मीठा, पीपल बड़ी, छोटी इलाईची के दाने, नागरमोथा ,रूमी मस्तगी 1-1 तोला, मीबी 6 माशा- सभी औषधिओ का चूर्ण करके शीशी मे भर ले| 2 आरटीआई की मात्रा मे मधू से दिन मे 3 बार दे, गाय का दूध पीने के लिए दे|
गुण- सुखारोग, अतिसार, उल्टी ,अफ़ारा, पेट की ऐठन , मरोड़ आदि समस्त बालरोग दूर करता है|
ये थे some home remedies.
5. त्रिफला कल्प-
हरड़, बहेड़ा, आंवला बराबर मात्रा का चूर्ण त्रिफला है|
त्रिफला चूर्ण 3 gm मे 1 gm तिल का तेल तथा 6 gm मधू मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय ले, इससे पेट और धातु के समस्त रोग दूर हो जाते है|
कायाकल्प के लिए उपयुक्त प्रयोग को 1 वर्ष तक नरन्तर धैर्यपूर्वक करना चाहिए| इसके सेवन से उदररोग, चर्मरोग, कास-श्वास, पुरानी कब्ज आदि का नाश होकर शरीर शक्तिशाली एवं कांतिमान होता है|
6. दमे पर अनुभूत प्रयोग-
लोग कहते है की दमा दम के साथ जाता है, पर यह नुस्खा सफल परीक्षित है-
मदार का फूल 1 तोला, छोटी पीपल 1/2 तोला, कटेरी-पुष्प 1 तोला, मुलहठी सत्व 1 तोला इन सबको बारीक पीसकर धूप मे सुख ले, उसके बाद उचित मात्रा मे शहद के साथ मिलाकर गोलीय बना ले|
दौरे के समय 2 गोली गुनगुने पानी के साथ निगल ले|कुछ ही क्षणों मे दौरा शांत हो जाएगा|
दमे के मरीज को खट्टा, तीखा और कड़वा पदार्थ नहीं खाना चाहिए|
7. मकड़ी विष-
मकड़ी के विषपर नींबू के रस मे चुना पीसकर लगा दे|
8. मस्से पर-
चेहरे,हाथ-पैर आदि स्थानों पर मस्से हो जाने पर चुना तथा सफेद सज्जी बराबर मात्रा मे मिलाकर साबुन के पानी मे गलाकर मस्से के ऊपर नित्य रखे| 2-3 दिन मे ही मस्से खत्म हो जाएंगे|हलका काला दाग पड़ सकता है|
9. टांसिल बढ़ जानेपर, गले मे दर्द होनेपर-
गर्म पानी मे फिटकरी, नमक डालकर गरारे करने से शीघ्र लाभ होगा|
10. खाँसी-
अड़ूँसे के पत्ते का रस रोज 1-1 तोला सुबह-शाम सेवन से शीघ्र लाभ होता है|
11. कान पकने पर-
हल्दी तथा भुनी फिटकरी बराबर भाग मे लेकर महीन पीसकर डालने से शीघ्र लाभ होगा|
12. पानी मे ज्यादा रहने पर हाथ पैर की अंगुलिया गलने पर-
महंदी के पत्ते 1 तोला और हल्दी 3 माशा- दोनों को पीसकर दिन मे 2 बार लगाने से 3 दिन मे पूर्ण लाभ हो जाता है|
ये थे some home remedies.