Aarogya Anka

आयुर्वेद दुनिया का प्राचीनतम चिकित्सा प्रणाली है Ιऐसा माना जाता है की बाद मे विकसित हुई अन्य चिकित्सा पद्धतियों मे इसी से प्रेरणा ली गई है Ιकिसी भी बीमारी को जड़ से खत्म करने के खासियत के कारण आज अधिकांश लोग आयुर्वेद के तरफ जा रहे हैΙइस लेख मे हम आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़ी हर एक रोग और उसके इलाज के बारे मे बताएंगे Ιआयुर्वेद चिकित्सा के साथ सभी प्रकार के जड़ी -बूटी के बारे मे तथा आयुर्वेद के 8 प्रकारों से हर तरह के रोगों के इलाज के बारे मे बताया गया हैΙ सभी पोस्टों को पढे ओर जानकारी अवश्य ले ताकि आप भी अपना जीवन आरोग्य के साथ healthy बना सके| thanks . 

गोमूत्र का अन्य रोगों पर घरेलू प्रयोग:Gomutra ka any rogo par gharelu prayog:

Facebook Youtube गोमूत्र क्या होता है?: Gomutra kya hota hai? गाय के मूत्र मे कार्बोलिक एसिड होता है, जो किटाणु नाशक है| अतः यह शुद्धि और स्वच्छता को बढ़ाता है|प्राचीन ग्रंथों मे गोमूत्र को अति पवित्र कहा गया है|आधुनिक दृष्टि से गोमूत्र मे नाइट्रोजन, फास्फेट,यूरिया,यूरिक एसिड, पोटैसियम और सोडियम होता है|जिन महीनों मे गाय दूध … Read more

अमृतधारा की 17 दिव्य फायदे(Amritdhara ki fayde in hindi

Trending Today गव्य के अन्य पदार्थ:(दूध,दही,छाछ,घी,मूत्र,गोबर,राख) other items of cow in hindi: गोमूत्र के लाभ एवं महत्व: Benefits and importance of cow urine: गठिया(अर्थराइटिस)- प्रकार,कारण, लक्षण और घरेलू उपचार गोमूत्र का अन्य रोगों पर घरेलू प्रयोग:Gomutra ka any rogo par gharelu prayog: अमृतधारा क्या है?Amritdhara kya hai अमृतधारा आयुर्वेद कि बहुत ही जानी मानी औषधि … Read more

migraine(माइग्रेन)/आधासीसी

migraine(माइग्रेन/आधासीसी)- migraine (माइग्रेन) वर्तमान समय का तेजी से बढ़ता हुआ एक दुखदायी रोग है| आयुर्वेदीय ग्रंथों के अनुसार रूखा भोजन करने से, भोजन-पर-भोजन करने पर, बर्फ-दही आदि शीतल चीजों का ज्यादा सेवन करने से, मल-मूत्र के वेग को रोकने से , बहुत चलने से, ज्यादा कसरत करने पर और अति सहवास से इस रोग की उत्पत्ति … Read more

लू लगना(Heat stroke), खाँसी, बवासीर का महत्वपूर्ण नुस्खे|

1. लू लगना(heat stroke)- गरमी के दिनों मे सूर्य का तीव्र ताप एवं हवा के झोंकों से प्रायः लू लग जाया करती है| अति परिश्रम, खाली पेट, नंगे सिर धूप मे चलने से, थकान, कब्जियत, दुर्बलता आदि के कारण लू के लपेट मे आ जाने की संभावना ज्यादा होती है|  सिर खुला रखने से गर्मी … Read more

नकसीर(nosebleed),दाद-खाज (itching), टी.बी. (T.B.),कैंसर(cancer),कुकुर खाँसी(whooping) के लिए आयुर्वेदिक औषधिये उपाय-

1.नकसीर(nosebleed)[नाक से खून बहना]- नकसीर(nosebleed) शुरू होते ही रोगी के सिर पर ठंडा पानी या भिंगा कपड़ा डाल दे|ठंडे पानी से उसकी नाक को मस्तक समेत बार-बार धोए| शुद्ध ठंडे पानी मे भिंगो कर शुद्ध रुई या कपड़े की बटी बनाकर नाक मे डाले| चिकनी मिट्टी की डली पर पानी डालकर सुँघाए| खून बहना बंद … Read more

solutions to some diseases with ayurveda(आयुर्वेद से कुछ समस्याओ का इलाज)-

solutions to some diseases- 1. high blood pressure के लिए कुछ जड़ी-बूटी से समाधान- आयुर्वेद, प्राचीन चिकित्सा पद्धति, आम स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हाई ब्लड प्रेशर(high blood pressure) को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने के लिए अद्भुत समाधान प्रदान करती है। आइए जानें कैसे कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ (जड़ी-बूटी) इन समस्याओं को दूर करने में सहायक … Read more

important ayurvedic herbs

1. जुकाम(cold)- जुकाम से बार-बार आक्रांत होने की व्याधि असंख्यों नर-नारियों मर पाई जाती है| इसका कारण है आहार-विहार का प्रदूषण, भोजन मे अम्ल और मधुर रसों का अतिसेवन| खट्टे, नमकीन, चटपटे, गुड़ , बुरा, अन्यान्य मिठाईया एवं फास्ट फूड्स के ज्यादा सेवन से रस धातु दूषित हो जाती है|उपद्रव्य स्वरूप स्ट्रोफिलिया, एलर्जी एवं ब्रान्कीयल … Read more

स्मरण शक्ति (memory power )की दुर्बलता को कैसे ठीक करे?

1. memory power(स्मरण शक्ति)- स्मरण(memory power ) शक्ति मस्तिष्क की एक प्रमुख शक्ति है| देखने-सुनने से जो ज्ञान प्राप्त होता है उसे सुरक्षित रखना और फिर समय पर प्रकट करना स्मरण का कार्य है|ग्रहण करने की इस शक्ति की ‘मेधा’ कहते है| जो आहार हम ग्रहण करते है वो पचकर रस बनता है, रस से … Read more

25 home remedies (25 घरेलू नुस्खे)-

1. आँख के रोहे का काजल- तूतिया को गुलाबजल मे पीसकर रख ले| सरसों के तेल के दीपक मे रुई की पती से काजल पार ले, बाद मे पीसा हुआ तूतिया- गुलाबजल मिला ले, हो सके तो पुराने गाय के घी मे फेंट ले| फिर रोहेवाले आँख मे लगाए| 2. प्रदर रोग- शुद्ध शहद के … Read more

Effective Home remedies (प्रभावी नुस्खे)

1. fever (बुखार)- सिंधुवार की जड़ हाथ मे बांधने से बुखार(fever) उतर जाता है| 2. त्रिफला का उपयोग( uses of triphala)- 50 gm त्रिफला(triphala) ( आंवला,हर्रे , बहेड़ा)- का चूर्ण, शहद और तिल के तेल मे मिलाकर चाटने से खाँसी, दमा, बुखार, धातुक्षीणता , पेट के समस्त रोग जड़ से समाप्त हो जाते है|सुजाक, बवासीर … Read more